Buses vandalised in Surat is falsely shared as protest in Mumbai

बूम ने पाया कि वीडियो गुजरात के सूरत का है। यह घटना मॉब लिंचिंग का विरोध करने के लिए निकाली गई एक रैली के दौरान हुई थी|

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Fake News India Hindi: पथराव कर बस में तोड़फोड़ करने वाले लोगों के एक वीडियो को झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि मुंबई के बांद्रा इलाके में मुस्लिम ऑटोरिक्शा चालकों के एक समूह ने एक बस पर हमला किया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके साथ दिए गए कैप्शन में लिखा है, “मुस्लिम रिक्शावाला के समूह के द्वारा बीकेसी से बांद्रा के लिए बस मार्ग का विरोध शुरू हो गया है। ”

इसी क्लिप को, समान कैप्शन के साथ ट्विटर पर शेयर किया गया था और कई लोगों ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए उन्हें कार्रवाई करने के लिए कहा है। इन पोस्ट्स को आप यहाँ देखें |

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना सूरत में 5 जुलाई, 2019 को मॉब लिंचिंग का विरोध करने के लिए निकाली गई एक मौन रैली के दौरान हुई थी। अनुमति के अभाव के कारण पुलिस द्वारा रैली रोके जाने पर प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे।

अहमदाबाद मिरर ने बताया, “लोगों ने पथराव करना शुरू कर दिया और पुलिस को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।”

अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट में आगे बताया गया है, “हालात उस हद तक बढ़ गए जहां प्रदर्शनकारियों ने पथराव का सहारा लिया जिसमें दो बीआरटीएस बसें और दो पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में दो राउंड और लगभग एक दर्जन आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस घटना में सात लोगों को गिरफ़्तार किया गया था।”

Audio message instructing people not to share their Aadhaar details has not been circulated by Delhi Police

बूम ने दिल्ली पुलिस को संपर्क किया तो हमें मालूम चला की ऐसा कोई भी सन्देश आधिकारिक तौर पर दिल्ली पुलिस ने जारी नहीं किया है|

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Fake News India Hindiव्हाट्सएप्प पर एक मेसेज वायरल है जिसके साथ एक ऑडियो क्लिप भी फ़ॉरवर्ड की जा रही है | ऑडियो में एक शख्स को कहते सुना जा सकता है, “आपको एक आधार वेरिफिकेशन कॉल कभी भी आ सकता है | आपको आपका आधार कार्ड नंबर पूछा जाएगा और कहा जाएगा की यह आईडिया, एयरटेल, वोडाफोन या जो भी आपका नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर है उसकी तरफ से यह वेरिफिकेशन कॉल है | आपसे कहा जाएगा की यदि आपके पास आधार कार्ड है तो ‘एक’ दवाएं | जिसके बाद आपसे आपका आधार नंबर माँगा जाएगा | अब तक लगभग सभी लोगों के बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक हैं |

इसके बाद आपसे और भी बटन दबाने को कहा जाएगा | फिर आपसे मोबाइल पर आया वन टाइम पासवर्ड (ओ.टी.पी) मांग लिया जाएगा | जैसे ही आप ओ टी पी देंगे, आधार कार्ड से लिंक बैंक अकाउंट खाली होजाएगा और कॉल कट जाएगा | ऐसे फ़र्ज़ी कॉल से बचें और अपने परिवार वालों को भी बचाएं | किसी को भी कॉल पर अपना आधार कार्ड नंबर नहीं बताएं | यदि किसी भी नेटवर्क प्रोवाइडर या बैंक को आपका आधार कार्ड चाहिए होता है तो उस संस्था का एक व्यक्ति आपको हस्ताक्षर की हुई कॉपी कार्यालय में जमा करने को कहता है |”

इस ऑडियो के साथ एक सन्देश भी वायरल है जिसमें लिखा है ‘भारत सरकार: जिनके आधार कार्ड बने हुए उनके लिए जरूरी सुचना – सभी सावधान रहे और ये रिकॉर्डिंग जरूर सुने और जल्दी से जल्दी आगे पहुँचाया जाये प्लीज़ – धन्यवाद, दिल्ली पुलिस.’

इन पोस्ट्स को आप यहाँ देखें|

Did Shabana Azmi and Kangana Ranaut took a communal dig on each other?

बूम ने इन दावों को पहले भी खारिज़ किया है एवं शबाना आज़मी ने ट्वीट करके भी इस बयान के झूठे होने की पुष्टि की है|

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Fake News in Hindi: वायरल पोस्ट में दावा किया गया है की कंगना रनौत ने शबाना आज़मी को उनके एक पोस्ट के लिए करारा जबाब दिया | एक तरफ़ शबाना ने अल्लाह से प्रार्थना करते हुए कुछ कहा तो वहीँ दूसरी और कंगना ने जबाब में ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कुछ और कह डाला |

Fact- check

यह पोस्ट फ़र्ज़ी है और काफी पुराना है | इसमें शबाना आज़मी के नाम से एक बयान वायरल किया गया है और इसी फ़र्ज़ी बयान का जबाब देते हुए कंगना रनौत के नाम पर एक फ़र्ज़ी बयान लिखा गया है | इस फ़र्ज़ी पोस्ट पर फ़ास्ट चेक लिखने तक करीब 900 बार शेयर किया जा चूका है |

इस दावे में कंगना और शबाना आज़मी को एक ही पोस्ट में अलग अलग बयान देते दिखाया गया है | आपको बता दें की ये दोनों बयान फ़र्ज़ी हैं | शबाना आज़मी ने ट्वीट करके इस बात की पुष्टि की थी की उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा | हालांकि कंगना ने आज़मी के ख़िलाफ़ कई बयान दिए हैं परन्तु इस फ़ोटो में लिखा जैसा कभी कुछ नहीं कहा | बूम ने इसी तरह के दावों को पहले भी खारिज़ किया है | यहाँ पढ़ें

Did Narendra Modi Government reduce higher education Budget?

ये आंकड़े एक वायरल फ़ेसबुक पोस्ट द्वारा फैलाए जा रहे हैं जिसे सोशल मीडिया यूज़र द्वारा सच माना जा रहा है। हालांकि, केंद्रीय बजट के आंकड़े इसका समर्थन नहीं करते हैं|

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Fake News in Hindi: सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन में भारी गिरावट की है। यह दावा ग़लत पाया गया है।

कई फ़ेसबुक यूज़रों ने पोस्ट में दावा किया कि उच्च शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन 2009 में ₹ 2,900 करोड़ था जो गिरकर 2019 में ₹ 400 करोड़ रह गया है। हालांकि इन दावों का कोई स्रोत नहीं दिया गया है । वित्त वर्ष 2009 के लिए 10,582 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2019 के लिए ₹ 38,317 करोड़ पर बजट के आंकड़े, दावा किए गए आंकड़ों से अधिक है।

इस लेख को लिखे जाने तक, हिंदी पोस्ट को 500 से अधिक इंटरैक्शन और लगभग 350 शेयर प्राप्त हुए, और पेज ‘अमेठी रायबरेली की कहानी’ द्वारा अपलोड किया गया, जो फ़ेसबुक पर एक वामपंथी पेज है, जिसके दस लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।

इन पोस्ट्स को आप यहाँ देखें बूम ने पाया कि कई सोशल मीडिया यूज़र, फेसबुक के इस दावे को सच मान रहे हैं।

‘शिक्षा बजट 2009’ और ‘शिक्षा बजट 2019’ कीवर्ड का उपयोग करते हुए, बूम ने कई यूज़र्स को इस दावे को दोहराते हुए पाया है।

Is student of these Madrasa students in Madhya Pradesh are chanting Pakistan Zindabad?

ये छात्र दरअसल अपने प्रिंसिपल साबिर शेख के समर्थन में साबिर साब ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे हैं ना की पाकिस्तान ज़िंदाबाद|

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Fake News Hindi: ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हो रहा है | दावा किया जा रहा है की इस वीडियो में मंदसौर, मध्यप्रेश, के एक मदरसे में बच्चों द्वारा पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए गए हैं | आपको बता दें की यह दावा फ़र्ज़ी है एवं तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है |

ट्विटर पर इसे ज़ोर-शोर से रीट्वीट और लाइक किया जा रहा है और साथ ही एक कैप्शन लिखा गया है ‘मंदसौर के मदरसों का देशद्रोही ज्ञान आया सामने …बच्चो ने लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे… देश में पल रहे गद्दारों से देश को बचाइए …वीडियो को सभी तक पहुंचाए ताकि सख्त कारवाई हो सके ।”

आप ट्वीट्स को आप यहाँ देखें 

फ़ैक्ट चेक

‘Pakistan zindabad in Mandsaur’ पाया की यह वीडियो मंदसौर के एक मदरसे का तो है परन्तु बच्चे नारे अपने प्राचार्य को बचाने के लिए लगा रहे हैं | हमें कई न्यूज़ रिपोर्ट्स भी मिलें जिसमे इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा गया है की मदरसे के बच्चे साबिर साब ज़िंदाबाद के नारे लगा रहें हैं ना की पाकिस्तान ज़िंदाबाद के |

बूम ने फिर अनवर-उल-उलूम हायर सेकंडरी स्कूल (हिंदी व अंग्रेजी माध्यम) से संपर्क किया जहां हमारी बात मुहम्मद इदरीस नामक एक शख़्स से हुई | इदरीस ने बूम को बताया, “बच्चे साबिर साब ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे हैं |”

Man abusing Bareli Cop in Video is not Sakshi Mishra husband

दस महीने पुराना यह वीडियो दरअसल है तो बरेली से पर पुलिस कर्मियों को गालियाँ देता दिख रहा शख़्स समाजवादी युवजन सभा का अध्यक्ष वैभव गंगवार है|

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Fake News Hindi: फ़ेसबुक पर एक वीडियो क्लिप वायरल है जिसमें एक शख़्स अपने साथियों के साथ एक पुलिस थाने में वहाँ मौजूद पुलिस वालों को भद्दी-भद्दी गालियां देता दिखाई दे रहा है | यह व्यक्ति पुलिस कर्मियों को तबादले से लेकर भीड़ इकठ्ठा करने तक की धमकी दे रहा है एवं लगातार बदसलूकी कर रहा है |क्लिप के साथ दावा किया जा रहा है की यह साक्षी मिश्रा का पति अजितेश कुमार है | यह दावा झूठा है एवं वीडियो का साक्षी और अजितेश से कोई नाता नहीं है |

वायरल वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है ‘ये हैं साक्षि मिश्रा के पति कमजोर और निहायत सीधे साधे इंसान जो डर के मारे थर थर कांप रहे हैं। अरे हाँ एक बात तो भूल ही गया ये दलित भी हैं। भगवान ऐसा पति उन सबकी बेटियों को दे जिसको ये नेक दिल इंसान लगते हैं!! शुभकामनाएं…’

इन पोस्ट्स को आप यहाँ देखें |

साक्षी मिश्रा बरेली (उत्तर प्रदेश) के भाजपा विधायक की बेटी हैं | मिश्रा ने हाल ही में अपने घर वालों की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ एक दलित युवक अजितेश कुमार से शादी की है | शादी के दो दिन बाद साक्षी-अजितेश ने दो वीडिओज़ रिलीज़ किये जिसमे उन्होंने मदद की गुहार लगायी है | साक्षी ने वीडियो में साफ़ साफ़ कहा की उन्हें और उनके पति को उनके पिता और भाई से जान का खतरा है | साक्षी के पिता को इस प्रेम सम्बन्ध से नाराज़गी इसलिए थी क्योंकि अजितेश दलित समाज से हैं | प्रेमी जोड़े ने वीडियो में यह भी कहा की उन्हें मारे जाने का भी डर है इसलिए वो सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं |

Fact Checking Zee News’ Fact Check Accusing TMC MP Mahua Moitra Of Plagiarism

BOOM found that Moitra gave due credits for the ideas incorporated in her speech from a poster at the US Holocaust Memorial.

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Fake News India: Mahua Moitra, a newly elected MP from Bengal, has come under criticism after being accused of plagiarising her fiery maiden speech at the Parliament last week by Zee News anchor Sudhir Chaudhary.

Upon investigation, BOOM found that Moitra had aptly given credits for the points she claimed to have borrowed from a poster at the US Holocaust Memorial, to make her speech, and that the allegations of plagiarism were unfounded.

This was also confirmed by Martin Longman, the writer of the Washington Monthly article that Moitra was accused of plagiarising, who denied that his work was plagiarised by Moitra in her speech.

The Viral Speech

On June 25, 2019, Moitra gave her maiden Parliamentary speech, where she listed down various “early signs of fascism” in India. In order to make her point, she borrowed 7 signs out of a list of “early warning signs of fascism” mentioned in what she claimed was a poster at the US Holocaust Memorial.

The video of her speech went viral on social media last week, garnering immense response from social media users.

As Facebook Users Face Global Outage, Claims Go Viral About WhatsApp Shutdown

The false claims doing rounds on social media, however, Facebook has clarified the services are 100% back on track

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Fake News: Several fake and misleading claims are doing the rounds on social media platforms — WhatsApp, Facebook, and Twitter — about the impending shutdown of WhatsApp. The messages went viral after several users complained about not being able to download images and videos on Facebook and WhatsApp since Wednesday evening.

The claims vary. While one of the messages claimed that WhatsApp will be shut from 11:30 pm to 6 am daily and also invoked Prime Minister Narendra Modi’s name to ensure credibility, another message attributed to Google, claimed that WhatsApp has been banned for a week.

The message also claimed that WhatsApp will charge for usage and the only way to ensure it remains free will be to send the message to 10 people.

On searching across platforms, BOOM found the messages viral on Facebook and Twitter. Several messages were also found in Hindi where the posts read: *Breaking news… The main server of WhatsApp in India crashed. You cannot download any photo, video and as per the company, it will take a long time to fix the problems. (*ब्रेकिंग न्यूज..भारत के अंदर व्हाट्सएप का मुख्य सर्वर हुआ खराब। आप डाउनलोड नहीं कर सकते कोई भी वीडियो फ़ोटो व्हाट्सएप कंपनी की मानें तो अभी काफी समय लग सकता है स्थिति सही होने में*… }

Read here the fake whatsapp message forward.

Did FM Nirmala Sitharaman Claim Modi Govt Distributed 35,000 Crore LED Bulbs?

BOOM found that FM Sitharaman said ’35 crore’ LED bulbs were distributed and not ‘35,000 crore’ as being claimed.

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With Each Fake Quote They Manage To Prove How Objective And Fair I Am: Javed Akhtar

BOOM spoke to Javed Akhtar who rubbished a provocative fake quote that questioned the uproar over the desecration of a temple in Delhi.